कमल मंदिर
कमल मंदिर
कमल मंदिर में कल्पवृक्ष भगवान महावीर की अतिशयकारी, मनोहारी एवं अवगाहना प्रमाण सवा दस फुट ऊँची खड्गासन प्रतिमा विराजमान हैं , इस मंदिर में भगवान महावीर की अवगाहनाप्रमाण ७ हाथ ऊँची प्रतिमा विराजमान हैं|
* सर्वप्रथम फरवरी सन् 1975 में इस प्रतिमा की प्रतिष्ठा बाद ही क्षेत्र का विकास प्रगति को प्राप्त हुआ और आज भी जम्बूद्वीप ही नहीं अपितु पुरे हस्तिनापुर में तीर्थ विकास विकास के प्रशंसनीय कार्य तीव्रगति के साथ सम्पन्न हो रहे हैं | यहाँ भक्तगण छत्र चढ़ाकर अथवा दीपक जलाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं |और यहाँ पर रोते हुए भक्त-जन दर्शन करके हँसते हुए जाते है | भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा जो कोई भी एक बार देख लेता है वह भूले नहीं भूलता है इस प्रतिमा में इस तेज है जो भी सच्चे मन से कुछ भी मांगता है उसका मांगा कभी खाली नहीं जाता है | इसलिए इनको कल्पवृक्ष महावीर भगवान कहते है |
यह रोशनी देखने के लिए भक्त जन दिन में ही आ जाते है जब हल्की रात होते ही यह रोशनी जलती है तो भक्त -जन यह दृश्य देख खूब प्रसन्न होते है | और फिर यात्री-गण आरती का अवसर भी प्राप्त कर लेते है |
Comments
Post a Comment